ज़िन्दगी की भाग दौड़ में कुछ छूटते रिश्ते, कुछ टूटते सपने यही है नियम प्रकृति का ?
नहीं मैं नहीं मानती इन छोटी छोटी बातों को जो कर दे खाली मेरे अंतर्मन को,
हारना इस दिल का काम नहीं, और छोड़ना मेरी फितरत नहीं ...
नमक-मिर्च की सोहबत
2 दिन पहले
![Validate my Atom 1.0 feed [Valid Atom 1.0]](valid-atom.png)
3 टिप्पणियाँ:
sakaratmak vichar.
बहुत सुन्दर और सार्गर्भित विचार शुभकामनायें
हारना इस दिल का काम नहीं, और छोड़ना मेरी फितरत नहीं
यही हौसला पहाड़ों से टकराने और उन्हे झुकने पर विवश कर देता है.
एक टिप्पणी भेजें