चीन सरकार की नीति के अनुसार एक परिवार एक बच्चे का नारा है जो की वहाँ हो रही जनसख्या वृद्धि को रोकने का एक उपाय है. उपाय तक तो बात सही थी पर हाल ही में एक खबर के अनुसार जिन माता-पिता के एक से अधिक बच्चे हैं उन्हे जुर्माना भरना पड़ता है. माता-पिता को बच्चे के पैदा होने से 20 दिन से 3 महीने के अंदर एस जुर्माने की राशि भरनी पड़ती है. जो माता-पिता यह जुर्माना नही भर पाते हैं उनके बच्चो को संरक्षण में ले लिया जाता है. इन बच्चो को अनाथालय में रखा जाता है और वहाँ से बच्चो को गोद लेने वालों को बेच दिया जाता है. अधिकतर बच्चो को अमेरिका, बेल्जियम जैसे देशों मे गोद लिया जाता है.
उल्लेखनीय बात यह है की जुर्माने की राशि चीन की प्रति व्यक्ति की औसत आय से लगभग दो गुना ज़्यादा है ऐसे में माता-पिता किस तरह से इस ज़ुर्माने को भर पाएँगे? बढ़ती हुई जनसंख्या रोकने के लिए कुछ नियम, क़ानून बनाना सही है पर अगर माता-पिता ऐसे मे एक से अधिक बच्चे को जनम देने की गलती करते है तो सज़ा इन मासूम बच्चों को क्यूँ दी जाए? सरकार और प्रशासन की दृष्टि से वो माता पिता को सज़ा दे रहे हैं क़ानून को तोड़ने के लिए परंतु असली सज़ा बच्चों को मिल रही है. एक बच्चा अपने समाज, परिवार से दूर किसी और के पास रहने जाता है या फिर अपना बचपन अनाथालय मे गुजरने पर मजबूर है. इसकी क्या गारंटी है की जिस देश में बच्चा गोद गया है वहाँ उसे माता-पिता और परिवार का प्यार मिलेगा, उनके साथ कोई अत्याचार, उनका कोई शोषण नही होगा? क्या ऐसे बच्चो का भविष्य अंधकार पूर्ण नही हो जाएगा? क्या ऐसे बच्चो का सामान्य समाजीकरण हो पाएगा? बच्चो को अनाथालय भेजने की बजाय क्या माता-पिता के विरुद्ध कोई कठोर कदम नही उठाया जाना चाहिए?